दूध के दांत भले ही स्थायी न हों, लेकिन बच्चे के विकास, सही बोली और आने वाले पक्के दांतों के लिए ब…
दूध के दांत भले ही स्थायी न हों, लेकिन बच्चे के विकास, सही बोली और आने वाले पक्के दांतों के लिए बेहद ज़रूरी हैं। बच्चों के दांतों को सड़न से बचाने के 9 उपाय: शुरुआत से सफाई: दांत निकलने से पहले मसूड़ों को साफ, गीले कपड़े से पोंछें। पहले दांत से ब्रश: दिन में 2 बार बच्चों वाले सॉफ्ट ब्रश और फ्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश कराएं। टूथपेस्ट की सही मात्रा: 3 साल से कम उम्र के लिए चावल के दाने जितनी और 3–6 साल के बच्चों के लिए मटर के दाने जितनी मात्रा लें। निगरानी रखें: बच्चे को टूथपेस्ट निगलने न दें, थूकने की आदत डालें। सोते समय मीठे पेय से बचें: बिस्तर पर दूध या जूस की बोतल न दें; ज़रूरत हो तो सिर्फ सादा पानी दें। साफ पैसिफायर: पैसिफायर (चूसनी) पर कभी शहद या चीनी न लगाएं। कप की आदत: 6 महीने से कप सिखाएं और 12–18 महीने तक बोतल बंद कर दें। स्वस्थ आदतें: मीठी चीज़ें कम दें और अपना चम्मच या पैसिफायर मुंह लगाकर बच्चे को न दें। डेंटल चेकअप: पहला दांत आते ही या 1 साल की उम्र से पहले डेंटिस्ट को ज़रूर दिखाएं। याद रखें: दूध के दांतों में सड़न से दर्द और संक्रमण हो सकता है। रोकथाम की शुरुआत पहले दांत से ही होती है। #DentalDaily #EarlyChildhoodCaries #BabyTeeth #ChildrensOralHealth #OralHealthAwareness